दिल्ली में एक महीने के अंदर नौ सफाई कर्मचारियों की मौत, कौन है जिम्मेदार ?
नई दिल्ली। दिल्ली में गटर साफ करने उतरे दो भाइयों की जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई है. यह घटना शाहदरा की है. सफाई कर्मचारी सफाई करने के लिए गटर में घुसे थे. लेकिन वहां जहरीली गैस सूंघने की वजह से उनकी मौत हो गई. जबकि उनके पिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक महीने के अंदर यह नौवीं मौत है. जिस समय घटना हुई उस समय सफाई कर्मचारी एक शॉपिंग मॉल के पास एक नाले की सफाई कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि इस बचाव अभियान में शामिल एक दमकलकर्मी भी ज़हरीली गैसों के संपर्क में आया और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस के मुताबिक शाहदरा के विश्वास नगर में स्थित अग्रवाल फनसिटी मॉल के बेसमेंट में नाला साफ करने के दौरान यूसुफ (50) और उनके दो बेटे जहांगीर (24) और इजाज़ (22) बेहोश हो गए. जब वे काफी समय तक नाले से बाहर नहीं निकले तब पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया. पुलिस ने आगे बताया कि दमकलकर्मियों में से एक महिपाल ने नाले में प्रवेश किया और वह भी उन जहरीली गैसों के संपर्क में आकर वहीं गिर गया. चारों लोगों को हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही जहांगीर को मृत घोषित कर दिया गया. कुछ ही देर बाद इजाज़ की भी मौत हो गई. यूसुफ और महिपाल का हेडगेवार अस्पताल में इलाज चल रहा है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
बता दें कि दिल्ली में एक महीने के अंदर सीवर और नाला सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौत की यह तीसरी घटना है. बीते 15 जुलाई को दक्षिण दिल्ली के घिटोरनी इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई थी. सभी सफाई कर्मचारी छतरपुर के आंबेडकर कॉलोनी के रहने वाले थे.

इसके बाद छह अगस्त को लाजपत नगर इलाके में स्थित कबीर राम मंदिर के नज़दीक एक सीवर लाइन की सफाई के दौरान तीन कर्मचारियों की मौत हो गई थी. इन तीनों घटनाओं को मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली में सीवर सफाई के दौरान एक महीने के अंदर नौ लोगों की मौत हो चुकी है.
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