بھیم آرمی چیف چندر شیکھر سے جڑی بڑی خبر, ضمانت منظور کرنے والے جج نے بڑا انکشاف کر دیا۔!
सहारनपुर जातीय हिंसा मे आरोपी बनाकर जेल भेजे गए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को जमानत मिल गई है। उन्हे यूपी पुलिस ने जून में गिरफ्तार किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्रशेखर को दंगे से जुड़े सभी चार मामलों में जमानत दे दी है। चंद्रशेखर पर हत्या के प्रयास, आगजनी व अन्य गम्भीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। जस्टिस मुख्तार अहमद की बेंच ने जमानत मंजूर की।
जस्टिस मुख्तार अहमद की बेंच के निर्णय में खास बात ये रही कि उन्होंने भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर रावण और डिप्टी चीफ कमल वालिया की गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित मानते हुए जमानत अर्जी मंजूर की है।
चंद्रशेखर को एक अन्य मामले में सेशन कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चंद्रशेखर उर्फ रावण के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण से मिलने कई पदाधिकारी जेल में गए थे। चंद्रशेखर का स्वास्थ्य टाइफाइड बुखार होने की वजह से दस दिन से खराब चल रहा था। हालत में सुधार ना होने पर जेल प्रशासन ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के मामले में दलितों की ओर से गैर दलित पक्ष पर 25 मुकदमे दर्ज कराये गए थे। जिसके जवाब में भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर रावण सहित कई अन्य के खिलाफ क्रास एफआईआर में 10 मुकदमे दर्ज कराये गए थे।
ان میں سے 6 में भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर रावण और डिप्टी चीफ कमल वालिया को भी आरोपी बनाया गया है। चन्द्रशेखर रावण और डिप्टी चीफ कमल वालिया दोनों सहारनपुर जेल में बन्द हैं।
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






