नागरिकता संशोधन से असम में विरोध-प्रदर्शन, मंत्रियों के घर पर हमला
नागरिकता संशोधन को लेकर पहले से ही पूर्वोत्तर राज्यों में बवाल मचा हुआ है वही कल राज्यसभा से भी बिल पास होने के बाद असम और त्रिपुरा में प्रदर्शनों को सिलसिला चलता रहा। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया है. वहीं देर रात असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय राज्यमंत्री रामेश्वर तेली के आवास पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव और हमला कर दिया। जिससे कि असम में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. नागरिकता संशोधन विधेयक (टैक्सी) को संसद द्वारा मंजूरी प्रदान किए जाने के बीच नागरिकता संशोधन को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है.
वही असम के गुवाहाटी और जोरहाट में सेना को बुला लिया गया है, जबकि त्रिपुरा
में असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है.
दूसरी तरफ राज्य सचिवालय के निकट छात्रों के एक बड़े समूह और
पुलिस के बीच झड़प होने से असम के 10 जिलों में बुधवार शाम सात बजे से इंटरनेट
और फोन सेवा अगले 24 घंटे के लिए रोकने के आदेश जारी किए गए हैं.
वहीं खबर मिली है असम के गुवाहाटी में 15 से 17 दिसंबर तक शिखर सम्मेलन होने जा रहा है…जिसपर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच होने वाली शिखर
बैठक के लिए सड़क पर लगाए गए एक मंच को भी तोड़ दिया.साथ ही छात्रों पर आंसू गैस
के गोले भी छोड़े गए जिसे पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया गया.
साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प से राज्य में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गयी है.
दूसरी ओर, नागरिकता विधेयक को वोट बैंक की राजनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है. हिन्दू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को नागरिकता देने से सरकार को उम्मीद है कि ये सभी लोग आने वाले समय में उसके लिए वोट बैंक का काम करेंगे. यह आरोप वैसा ही है, जैसा BJP पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ अवैध बांग्लादेशी लोगों को नागरिकता देकर उनका उपयोग वोट बैंक की राजनीति करने के लिए लगाती है.
जैसा कि आप सभी जानते है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद370 को लाया गया वहां पर इंटरनेट सेवायेबंद कर दी गई थी, राजनेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. पूरा का पूरा राज्य बंद कर दिया गया था जिससे कशमीरी लोगों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी जो कि आज भी है. ऐसा ही असम में CAB को लागू करके किया जा रहा है. इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है. कर्फ्यू लगा दिया गया है..लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे. जिससे पूर्वोत्तर राज्य से लेकर दिल्ली तक नागरित संशोधन क विरोध किया जा रहा है. जिस तरीके से बीजेपी की केंद्र सरकार ऐसा कर रही है. पूरे भारत में तनाव की स्थिति है. एक तो भारत देश में पहले से ही बेरोजगारी , भूखमरी का माहौल है. उपर से ऐसे अलग-अलग राज्यों को बंद कर देना..जनता के दुखभरों मुद्दों को न सुनना न उसपर कोई संज्ञान लेना. सरकार का बेहद ही शर्मनाक कदम है.अगर सरकार अपनी ऐसी ही मनमानी चलाती रहेगी तो एक दिन भारत बंद होना तय है.
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मौलाना आज़ाद और उनकी पुण्यतिथि को याद करते हुए
मौलाना अबुल कलाम आजाद, मौलाना आजाद के नाम से भी जाने जाते हैं, एक प्रसिद्ध भारतीय विद्वान थे, freedo…








