گھر زبان ہندی آسام میں شہریت ترمیم کے خلاف احتجاج, وزراء کے گھر پر حملہ
ہندی - سیاسی - سیاست - سماجی - دسمبر 12, 2019

آسام میں شہریت ترمیم کے خلاف احتجاج, وزراء کے گھر پر حملہ

नागरिकता संशोधन को लेकर पहले से ही पूर्वोत्तर राज्यों में बवाल मचा हुआ है वही कल राज्यसभा से भी बिल पास होने के बाद असम और त्रिपुरा में प्रदर्शनों को सिलसिला चलता रहा। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया है. رات دیر گئے آسام کے وزیر اعلیٰ سربانند سونووال اور سینٹرل مظاہرین نے ریاستی وزیر رامیشور تیلی کی رہائش گاہ پر پتھراؤ کیا اور حملہ کیا۔ جس کی وجہ سے آسام میں حالات کشیدہ ہیں۔. شہریت ترمیمی بل (ٹیکسی) को संसद द्वारा मंजूरी प्रदान किए जाने के बीच नागरिकता संशोधन को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है.

वही असम के गुवाहाटी और जोरहाट में सेना को बुला लिया गया है, जबकि त्रिपुरा में असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है.
दूसरी तरफ राज्य सचिवालय के निकट छात्रों के एक बड़े समूह और पुलिस के बीच झड़प होने से असम के 10 जिलों में बुधवार शाम सात बजे से इंटरनेट और फोन सेवा अगले 24 घंटे के लिए रोकने के आदेश जारी किए गए हैं.
یہ خبر آسام کے گوہاٹی سے موصول ہوئی ہے۔ 15 سے 17 دسمبر تک سربراہی اجلاس منعقد ہونے جا رہا ہے۔…जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच होने वाली शिखर बैठक के लिए सड़क पर लगाए गए एक मंच को भी तोड़ दिया.साथ ही छात्रों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए जिसे पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया गया.

साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प से राज्य में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गयी है.
दूसरी ओर, नागरिकता विधेयक को वोट बैंक की राजनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है. ہندو, بدھسٹ, سکھ, جین, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को नागरिकता देने से सरकार को उम्मीद है कि ये सभी लोग आने वाले समय में उसके लिए वोट बैंक का काम करेंगे. यह आरोप वैसा ही है, जैसा BJP पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ अवैध बांग्लादेशी लोगों को नागरिकता देकर उनका उपयोग वोट बैंक की राजनीति करने के लिए लगाती है.
जैसा कि आप सभी जानते है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद370 को लाया गया वहां पर इंटरनेट सेवायेबंद कर दी गई थी, राजनेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. पूरा का पूरा राज्य बंद कर दिया गया था जिससे कशमीरी लोगों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी जो कि आज भी है. ऐसा ही असम में CAB को लागू करके किया जा रहा है. इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है. कर्फ्यू लगा दिया गया है..लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे. جس کی وجہ سے شمال مشرقی ریاستوں سے لے کر دہلی تک شہری ترمیم کی مخالفت ہو رہی ہے۔. جس طرح سے بی جے پی کی مرکزی حکومت یہ کر رہی ہے۔. پورے ہندوستان میں کشیدگی کی صورتحال ہے۔. پہلی بات تو یہ کہ ہندوستان میں پہلے ہی بے روزگاری ہے۔ , بھوک کا ماحول ہے. उपर से ऐसे अलग-अलग राज्यों को बंद कर देना..जनता के दुखभरों मुद्दों को न सुनना न उसपर कोई संज्ञान लेना. सरकार का बेहद ही शर्मनाक कदम है.अगर सरकार अपनी ऐसी ही मनमानी चलाती रहेगी तो एक दिन भारत बंद होना तय है.

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