ڈاکٹر منیشا بنگر کا روہت ویمولا اور ان کی جدوجہد بھری زندگی کو خراج تحسین
کی طرف سے- ڈاکٹر. منیشا بنگار
संघर्षरित परछाईयों से तारो की और जानेवाला रोहित सितारों में नहीं है ,वो करोडो बहुजन युवा के दिलो में मशाल बन धधक रहा है :-
रोहित के जीवन की दांस्ता यह बयान करती है कि किस तरह एक होनहार, होशियार, न्याय और समता के लिए लड़ने वाले, वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाले, खुद के लिए ही नहीं तो सब के लिए एक हसीन दुनिया बनाने वाले रोहित को संस्थाओं में आरूढ़ ब्राह्मणी आतंक और जातिय उत्पीड़न ने हताश और मजबूर किया .
ये कोई अनदेखी ताकत थोड़े ही है. ये बस रही है universities के ब्राह्मण द्विज प्रोफेसर , छात्र एडमिनिस्ट्रेशन, और ब्राह्मणी राजनैतिक सत्ता में जिसका क्रूर रूप हर आये दिन दीखता है.
रोहित जो लिख रहा था , जो बोल रहा था उससे ये जाहिर होता है की उसके लिए इन ब्राह्मणी अड्डो में हर दिन संघर्ष और एक नए चुनौती से भरा हुआ था. ये एकेले रोहित की कहानी नहीं है ये विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले हर बहुजन युवा युवती की नियति बन चुकी है.
लेकिन बीजेपी RSS सरकार और पोडिले, ईरानी, दत्तात्रय ,और उनका पी एम जिन्होंने रोहित की संस्थागत हत्या को अंजाम दिया याद रखे की रोहित क्रांति बीज है, वो मरा नहीं. रोहित जैसे लोग मरते नहीं है. 2014 سے 2019 तक के तुम्हारे शाशनकाल की जब भी बात छिड़ेगी तो तुम्हारी क्रूरता तुम्हारी घिनौनी विचारधारा और तुमने जो एक क्रूर वहशी नस्ल पैदा की है उससे पूरी दुनिया को वाकिफ करने वाला केंद्रबेंदु होगा रोहित. रोहित ने दुनिया के सामने तुम्हारी पहचान ही तय नहीं की है तो वो तुम्हारा अंत भी तय करके गया है.
रोहित को हमारी अश्रुपूर्ण भावभीनी याद और क्रांतिकारी सलाम !
जय शिवाजी, जय फूले, जय सावित्री, जय पेरियार !
जय भीम !! जय भारत !!!
(लेखक PPI की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं)
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