होम भाषा हिंदी सावरकर के सपनों का नहीं, बल्कि भगत सिंह और अंबेडकर के सपनों का भारत बनाना है: कन्हैया कुमार

सावरकर के सपनों का नहीं, बल्कि भगत सिंह और अंबेडकर के सपनों का भारत बनाना है: कन्हैया कुमार

पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में सीएए और एनआरसी के विरोध में आयोजित इस जन प्रतिरोध रैली को संबोधित करते हुए कन्हैया ने कहा कि CAA और NRC के खिलाफ यह लड़ाई एक दिन की नहीं है..यह लड़ाई लंबी चलेगी।

CAA और NRC को ‘संविधान की आत्मा पर हमला’ बताते हुए कन्हैया ने कहा, ‘आज संविधान पर संकट आ खड़ा हुआ है। संविधान को बचाने की जरूरत है। संविधान की मूल भावना है कि किसी भी नागरिक के साथ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होगा, लेकिन इसके ठीक उलटा किया जा रहा है। जिन लोगों को अपने देश के संविधान से प्यार नहीं है, वे ही ऐसे काले कानून का समर्थन कर रहे हैं।' इस जन प्रतिरोध रैली में सीमांचल के कई गैर-बीजेपी दलों के विधायक और अन्य नेता भी शामिल हुए।

रैली में कन्हैया ने एक बार फिर से आजादी वाला नारा दोहराया। कई सार्वजनिक मंचों से कन्हैया कुमार ये नारा दोहरा चुके हैं। ये नारा लगाते हुए का वीडियो भी कन्हैया ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया। वीडियो शेयर करते हुए कन्हैया ने लिखा- देश के विद्यार्थियों पर पुलिस के दमन और संविधान एवं ग़रीब विरोधी CAB-NRC के खिलाफ आज पूर्णिया(बिहार) की जनता ने अपनी आवाज बुलन्द की। जनता समझ रही है कि उनके असल सवालों को दबाने के लिए यह सरकार उन्हें नागरिकता सिद्ध करने के लिए सरकारी दफ़्तरों के बाहर लाइनों में लगा देना चाहती है।

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