کروناندھی نے پیریار کے خیالات کی نفاست کو زندگی بھر اپنے ساتھ رکھا۔…
نئی دہلی۔ کروناندھی پیریار سے بہت متاثر تھے اور وہ ذات پرستی میں تاحیات یقین رکھتے رہے۔, انہوں نے برہمنیت اور مذہبی منافقت کے خلاف جدوجہد کی۔ اس نے کسی خدا نما ساخت کے وجود کو قبول نہیں کیا۔ سماجی انصاف, ریاستوں کی خودمختاری, क्षेत्रीय अस्मिता और द्रविड़ संस्कृति के लिए वे आजीवन प्रतिबद्ध रहेl उन्होंने जब पहली बार सरकार बनाई उस दौरान में ज़मीन की हदबंदी को 15 एकड़ तक सीमित कर दिया गया थाl इस निर्णय के बाद कोई भी 15 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन का मालिक नहीं रह सकता थाl
करुणानिधि ने शिक्षा और नौकरी में पिछड़ी जातियों को मिलने वाले आरक्षण की सीमा 25 से बढ़ाकर 31 प्रतिशत कर दी थीl यही नहीं बल्कि क़ानून बनाकर सभी जातियों के लोगों के मंदिर के पुजारी बनने का समान अवसर दिया गयाl करुणानिधि ने राज्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में कार्यक्रमों की शुरुआत में एक तमिल राजगीत गाना अनिवार्य कर दिया गया जबकि इससे पहले वहां धार्मिक गीत गाए जाते थेl
उन्होंने क़ानून बनाकर लड़कियों को भी पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार मुक्कम्मल कियाl साथ ही राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण भी दियाl उन्होंने किसानों को सिंचाई के लिए पंपिंग सेट चलाने के लिए बिजली मुफ़्त कर दीl
करुणानिधि ने पिछड़ों में अति पिछड़ा वर्ग बनाकर उसे पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति कोटे से अलग, शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण दियाl उन्होंने सरकारी राशन की दुकानों से केवल एक रुपए किलो की दर पर लोगों को चावल देना शुरू कियाl स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कियाl आम जनता के लिए मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत कीl
करुणानिधि ने बहुजनों को मुफ़्त में घर देने का काम कियाl साथ ही हाथ रिक्शा पर सवारी ढोने पर पाबंदी लगाई और हाथ रिक्शा चालकों को ऑटो रिक्शा प्रदान कियेl अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ‘सामाथुवापुरम’ के नाम से मॉडल हाउसिंग स्कीम शुरू कीl इस योजना की खासियत यह थी इसमें बहुजनों और सवर्णों को मुफ़्त में इस शर्त पर घर दिए गए कि वो जातिवाद से मुक्त होकर सोहार्दपूर्ण सम्बन्धों से साथ-साथ रहेंगेl इस योजना के तहत बनी कॉलोनियों में सवर्णों और दलितों के घर बिल्कुल अगल-बगल बनाए गए थेl
वीपी सिंह की राष्ट्रीय मोर्चा सरकार में मंडल कमीशन की सिफ़ारिशें लागू करने में करुणानिधि ने भी बड़ी भूमिका निभाई थीll वे लगातार राज्यों की स्वायत्तता की वक़ालत करते रहे थेl राज्यों की स्वायत्तता की लड़ाई में करुणानिधि का बहुत बड़ा योगदान थाl करुणानिधि की कोशिशों का नतीजा था कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने राज्य में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फ़हराने का अधिकार मिल सकाl
करुणानिधि द्रविड़ अस्मिता, तमिल भाषा और संस्कृति की पहचान के लिए आजीवन लड़ते रहेl द्रविड़ आंदोलन हिंदू धर्म के किसी ब्राह्मणवादी परंपरा और रीतिरिवाज में विश्वास नहीं करताl साथ ही सामान्य हिंदू परंपरा के ख़ि़लाफ़ द्रविड़ नेता अपने नाम के साथ जातिसूचक टाइटल का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं और करुणानिधि ने भी इस प्रतिरोध को बुलंद आवाज़ के साथ बनाये रखाl
सामाजिक न्याय के लिए उनकी प्रतिबद्धता से ही करुणानिधि लोगों के दिलों पर राज करते रहेl
مصنف- دیپالی تایاڈے۔,
दिपाली बहुजन समाज और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखती हैं, साथ सामाजिक,राजनैतिक, मुद्दों पर अच्छी समझ रखती हैं।
باباصاحب کو پڑھ کر ہی الہام ہوا, اور پوجا اہلیان مسز ہریانہ بن گئیں
ہانسی, حصار: کوئی پہاڑ ، کوئی پہاڑ راہ میں نہیں آسکتا, گھریلو تشدد یا استحصال, اب راستہ اور…









