होम भाषा हिंदी कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘मांओं’ से मिलें, UP में नाटकबाजी ना करें प्रियंका गांधी; मायावती का कांग्रेस पर हमला

कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘मांओं’ से मिलें, UP में नाटकबाजी ना करें प्रियंका गांधी; मायावती का कांग्रेस पर हमला

राजस्थान कोटा के जेके लोन अस्पताल में साल 2019 के दिसंबर महीने में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। बच्चों की मौत पर राजनीति शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोटा में पिछले 48 घंटे में 9 और बच्चों की मौत हुई है. इसके बाद यह आंकड़ा 100 के पार हो गया है. राजस्थान में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है इस वजह से बीजेपी से लेकर दूसरी पार्टियां कांग्रेस और सीएम अशोक गहलोत पर सवाल उठा रहे हैं.

इसी को देखते हुए बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने प्रियंका गांधी से सवाल करते हुए पहली बार प्रियंका पर निशाना साधते हुए राजनैतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाजी जैसे शब्द का इस्तेमाल कर एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘‘माओं‘‘ से नहीं मिलती हैं, तो ये माना जाएगा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी मामले में पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल इनका यह राजनैतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाजी ही मानी जायेगी. जिससे यूपी की जनता को सतर्क रहना है.”

मायावती ने दूसरा ट्वीट कर ये भी कहाकि कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से मांओं का गोद उजड़ना अति-दुःखद और दर्दनाक है. वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत खुद और उनकी सरकार इसके प्रति अब भी उदासीनअसंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार बने हुए हैंजो अति-निन्दनीय.

साथ ही मायावती ने तीसरा ट्वीट कर कहा,'कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और खासकर महिला महासचिव प्रियंका गांधी की इस मामले में चुप्पी साधे रखना बेहद दुःखद है. अच्छा होता कि वो यूपी की तरह उन गरीब पीड़ित मांओं से भी जाकर मिलतींजिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई हैं.'

वही आप पिछले 6 साल में कोटा के जेके लोन में बच्चों की मौत का आंकडा कुछ इस प्रकार देख सकते है..

जैसा कि पिछले साल के महीनों में प्रियंका गांधी यूपी की राजनीति में काफी एक्टिव नजर आ रही हैं. चाहे सोनभद्र में जातीय हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार से मिलना हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने पर जेल गए लोगों के परिवार से लखनऊ जाकर मिलना हो. कही ये वोटबैंक की राजनीति का दिखावा तो नहीं या सच में प्रियंका गांधी लोगों के हित के लिए सोच रही है ये तो आने वाले वक्त में सच का पता चल ही जाएगा लेकिन जिस तरीके से मासूम बच्चों की मौत हो रही है इस पर सरकार को सख्त कदम उठा कर संज्ञान लेना चाहिए न कि एक –दूसरे पर आरोप लगा राजनीति का खेल खेलना चाहिए.

(अब आप नेशनल इंडिया न्यूज़ के साथफेसबुकट्विटर औरयू-ट्यूब पर जुड़ सकते हैं.)

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

जाँच भी करें

मौलाना आज़ाद और उनकी पुण्यतिथि को याद करते हुए

मौलाना अबुल कलाम आजाद, मौलाना आजाद के नाम से भी जाने जाते हैं, एक प्रसिद्ध भारतीय विद्वान थे, freedo…