گھر زبان ہندی کوٹہ میں جاکر میت بچوں کی 'ماؤں' سے ملیں, UP میں ناٹكباجي نہ کریں پرینکا گاندھی; مایاوتی کا کانگریس پر حملہ
ہندی - سیاسی - سماجی - گیا Uncategorized - جنوری 2, 2020

کوٹہ میں جاکر میت بچوں کی 'ماؤں' سے ملیں, UP میں ناٹكباجي نہ کریں پرینکا گاندھی; مایاوتی کا کانگریس پر حملہ

جے کے لون ہسپتال، راجستھان کوٹا میں سال 2019 دسمبر کے مہینے میں مرنے والے بچوں کی تعداد میں اضافہ ہوا۔ 100 واقع ہوا ہے۔ بچوں کی ہلاکت پر سیاست شروع ہوگئی۔ میڈیا رپورٹس کے مطابق, کوٹا میں آخری 48 ایک گھنٹے میں 9 اور بچے مر چکے ہیں. اس کے بعد یہ اعداد و شمار 100 پار کر دیا ہے. राजस्थान में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है इस वजह से बीजेपी से लेकर दूसरी पार्टियां कांग्रेस और सीएम अशोक गहलोत पर सवाल उठा रहे हैं.

इसी को देखते हुए बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने प्रियंका गांधी से सवाल करते हुए पहली बार प्रियंका पर निशाना साधते हुए राजनैतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाजी जैसे शब्द का इस्तेमाल कर एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. وہ کہنے لگے, “अगर कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय महासचिव राजस्थान के कोटा में जाकर मृतक बच्चों की ‘‘माओं‘‘ से नहीं मिलती हैं, तो ये माना जाएगा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी मामले में पीड़ितों के परिवार से मिलना केवल इनका यह राजनैतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाजी ही मानी जायेगी. जिससे यूपी की जनता को सतर्क रहना है.”

मायावती ने दूसरा ट्वीट कर ये भी कहाوہ कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से मांओं का गोद उजड़ना अति-दुःखद और दर्दनाक है. वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत खुद और उनकी सरकार इसके प्रति अब भी उदासीनअसंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार बने हुए हैंजो अति-निन्दनीय.

साथ ही मायावती ने तीसरा ट्वीट कर कहा,कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और खासकर महिला महासचिव प्रियंका गांधी की इस मामले में चुप्पी साधे रखना बेहद दुःखद है. अच्छा होता कि वो यूपी की तरह उन गरीब पीड़ित मांओं से भी जाकर मिलतींजिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही के कारण उजड़ गई हैं.

वही आप पिछले 6 साल में कोटा के जेके लोन में बच्चों की मौत का आंकडा कुछ इस प्रकार देख सकते है..

जैसा कि पिछले साल के महीनों में प्रियंका गांधी यूपी की राजनीति में काफी एक्टिव नजर आ रही हैं. चाहे सोनभद्र में जातीय हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार से मिलना हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने पर जेल गए लोगों के परिवार से लखनऊ जाकर मिलना हो. कही ये वोटबैंक की राजनीति का दिखावा तो नहीं या सच में प्रियंका गांधी लोगों के हित के लिए सोच रही है ये तो आने वाले वक्त में सच का पता चल ही जाएगा लेकिन जिस तरीके से मासूम बच्चों की मौत हो रही है इस पर सरकार को सख्त कदम उठा कर संज्ञान लेना चाहिए न कि एक –दूसरे पर आरोप लगा राजनीति का खेल खेलना चाहिए.

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