घर सामाजिक दिल्ली पुलिस का जुल्म: पत्र में छलका बहुजन परिवार का दर्द, पढ़कर खड़े हो जायेंगे रोंगटे!
सामाजिक - फेब्रुवारी 24, 2018

दिल्ली पुलिस का जुल्म: पत्र में छलका बहुजन परिवार का दर्द, पढ़कर खड़े हो जायेंगे रोंगटे!

करण्यासाठी,
श्रीमान,

विषय:- मैं वीना देवी पत्नी श्री रमेश चंद 21/02/2018 आणि 22/02/2018 की इस घटना के बारे में आपको जानकारी दे रहीं हूं. जो हमारे साथ रात के करीब 12:30 बजे व 2:00 बजे घटी थी. 6 संदिग्ध पुलिस वालों द्वारा दरवाजे की कुण्डी तोड़ कर घर में घुसकर मुझे व मेरे बेटों व मेरी बहुओं के साथ मार पीट करना, हमारे बाल नोचकर गालियां देना अश्लील टिप्पणियां करना जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करना व हमारे मोबाइल फोन को तोड़ कर फेंक देना यह कहकर कि हम लोग थाना फतेहपुर बेरी से आएं हैं और हम लोग पुलिस वाले हैं.

सर,
निवेदन इस प्रकार है कि मैं वीना देवी 21/02/2018 को समय करीब रात के 2:00 बजे अपने घर मकान नंबर- 38 हरिजन मोहल्ला, मांडी गांव, नवी दिल्ली 110047 में अपने दो बेटों व बहु के साथ सो रही थी. मेरे पति उस समय घर पर नहीं थे कि तभी कुछ शोर आवाजें आई. मैंने कमरे से बाहर निकलकर देखा तो वहां 4 संदिग्ध पुरुष खड़े थे जिन्होंने मेरे बड़े बेटे को बलों से पकड़ रखा था और उसे थप्पड़ व घूंसो से पीट रहे थे. तभी मैं भागी तो एक ने मेरे बाल पकड़कर मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया व अश्लील गालियां दी और कहा कि तुम लोग ब्लैकमेलर हो गंदा काम करते हो साली कूतिया रण्डी… मेरी बहु ने जब कहा की महिलाओं से पुलिस का इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं तो उसे भी थप्पड़ मारकर दूर धकेल दिया तभी बाहर के कमरे से चिल्लाने की आवाज आई.

 

मैने जैसे तेसे अपने आपको छुड़वा कर बाहर वाले कमरे में गई तो वहां दो संदिग्ध लोगों द्वारा मेरे छोटे बेटे को बिस्तर पर ही दबा रखा था. वो उसे न जाने कब से पीट रहे थे हमारे बहुत निवेदन करने पर उन्होंने नहीं छोड़ा. हमें इस क्रूर व्यवहार के बारे में कोई जानकारी दी. सिर्फ इतना बताया की वे सब थाना फतेहपुर बेरी से आए है जबकि उन्होंने यूनिफॉर्म नहीं पहनी थी और शराब पी थी, ना उनके पास कोई सर्च वारेंट था. ये सब उपद्रव उत्पात मचाकर वे सभी पुलिस जीप में बैठकर वहां से चले गए.

घटना के दौरान जानकारी देने के लिए जब हमने पुलिस को फोन करना चाहा तो उन्होंने हमारे फोन भी छीनकर जमीन पर पटक दिए. हमारे फोन टूटने की वजह से हम उस वक्त 100 नंबर पर कॉल नहीं कर पाए. अतः इस घटना की जानकरी 21/02/2018 सकाळी 08:00 AM बजे 100 नंबर पर की 1 घंटे बाद एक पुलिस अफसर आया जो कि अपना नाम मुरारी लाल बता रहा था जिसका कहना था कि में इस 100 नंबर की कॉल पर तुम्हारा (आईओ) हूं जिसके बाद वीना देवी का बयान लिया गया और एक लिखित शिकायत उन्हें दी गई और उन्होंने हमें आश्वाशन दिलाया कि में छानबीन करूंगा दिनांक 22/02/2018 को जब इनसे जवाब मांगा गया तो उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया के कोई मामला नहीं बनता. तुम्हारी शिकायत का और मुझे दोबारा परेशान मत करना हमारे बहुत आग्रह करने पर भी उसने कहा कि तुम्हारे कहने से कार्यवाही होगी क्या मैं जो कहूंगा वहीं होगा तुम जो कर रहे हो सब झूठ है. तुम्हारे घर कोई नहीं गया फिर उसने हमें एक नाम बताया S.K.Singh और कहा इनसे मिलो ये ही तुम्हारे घर आए थे. जब हमने आग्रह किया की आपको जब ये पता चल ही गया के S.K.Singh नाम का ये व्यक्ति हमारे घर रात को 2:00 बजे हमारे घर गया था तो आप ये कैसे नकार सकते हैं कि हमारे साथ मार पीट नहीं हुई फिर उन्होंने कहा मुझे परेशान मत करो

कल रात दिनांक 22/02/2018 को रात समय 12:30 बजे फिर 6 पुलिस वाले हमारे घर में दाखिल हुए फिर से हम औरतों को मारना पीटना शुरू कर दिया मेरे बेटों ने बचाव कि कोशिश की तो उसे पीटना शुरु कर दिया जबकि एक बेटा नाम सुमित जिसका पिछले साल एब्डॉमिनल आप्रेशन हुआ था उसका सिर डंडे से मारकर फोड़ दिया उसके पीट में लातें मारी जबकि हमने उनके हाथ जोड़े की इसको बख्श दो ये इस लायक नहीं की ये मार सह सके. उन्होंने कहा के मर ही तो जाएगा फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे लगभग 100 मीटर तक घसीटते हुए लेकर गए जब वह बेहोश हो गया तो उसे वहां फेक दिया कि लगता है ये मर गया और मेरे दोनों बेटों दिनेश व मनीष को घसीटते हुए पुलिस जीप में ले गए

फिर हमने 100 नंबर पर फोन करके इसकी जानकारी पुलिस को दी फिर पुलिस सुमित को ट्रूमा सेंटर ले गयी. जिसके बाद मंडी गांव का दलित समुदाय एकत्रित होकर थाने पहुंचा तो पता चला कि यहां किसी को नहीं लाया गया. पता नहीं उन्हें कहां ले जाया गया है यह कहकर थाना अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया फिर बाद में दिनेश व मनीष को ट्रौमा सेंटर में लाया गया जहां उनकी हालत खड़े रहने लायक भी नहीं थी. इन पुलिस वालो ने उन्हें इतना मारा है कि फिर न जाने उन्हें कहां ले गए हॉस्पिटल में सुमित का मेडिकल हुआ जिसमें पुष्ठी हुई कि सर में गहरी चोट है व अन्य चोटें है दिनेश व मनीष की मेडिकल रिपोर्ट उन्हीं के पास है.

अतः महोदय से हाथ जोड़कर निवेदन है कि S.K.Singh व उसके साथियों पर उचित कारयवाही करें और हमारी सुरक्षा करे.

वीना देवी, धर्मपत्नी श्री रमेश चंद
दिनेश कुमार, पुत्र श्री रमेश चंद
पुष्पा देवी, धर्मपत्नी श्री दिनेश कुमार
मनीष कुमार, पुत्र श्री रमेश चंद
सुमित कुमार पुत्र श्री रमेश चंद
मकान नंबर 38, हरिजन मोहल्ला, मांडी गांव, नवी दिल्ली 110047
क्रमांक 9999443833

(पत्र से मिली जानकारी के अनुसार)

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