باباصاحب کو پڑھ کر ہی الہام ہوا, اور پوجا اہلیان مسز ہریانہ بن گئیں
ہانسی, حصار: کوئی پہاڑ ، کوئی پہاڑ راہ میں نہیں آسکتا, گھریلو تشدد یا استحصال, अब रास्ता रोक सकता नहीं…यह कहना है बहुजन समाज से आने वाली पूजा आह्लयाण का जिन्होंने पुरुषवादी सोच से लड़ते हुए एक महीने के अंदर सौंदर्य के क्षेत्र में दूसरी बड़ी सफलता अर्जित की है। हरियाणा के हांसी शहर के उत्तम नगर की रहने वाली पूजा आह्लयाण ने मिसेज हरियाणा प्लेटिनम का ताज अपने नाम किया है। गुरुग्राम में आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में 250 सुंदरियों को ज्ञान व सुंदरता में पछाड़ते हुए पूजा ने मिसेज हरियाणा का क्राउन जीता।
पूजा ने बताया कि इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए उन्होंने समाज व परिवार की अनेक बंदिशों का सामना किया। आखिर पूजा ने अपनी सफलता के दम पर परिवार व समाज की सोच को बदलने पर मजबूर कर दिया। पूजा का कहना है कि अब उसे सौंदर्य के क्षेत्र में मिल रही सफलताओं से परिवार उत्साहित है।
‘बाबा साहब डॉ बी आर अंबेडकर के संघर्ष से मिली प्रेरणा’
पूजा ने बताया कि शादी के बाद एक बार तो लगा कि अब सपने खत्म हो गए हैं। लेकिन फिर बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर जी की जीवनी को पढ़कर प्रेरणा मिली और रुढ़ीवादी सोच से लड़ते हुए पढ़ाई शुरू कर दी। साथ ही सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया। पूजा का कहना है बाबा साहब इनके प्रेरणा स्रोत हैं, उनके बारे में पढ़कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली अगर सभी लड़कियाँ बाबा साहब को अपना आदर्श बनाकर उनके दिखाये रास्ते पर चलेंगी तो उनका उद्धार होगा और कभी किसी की गुलाम नही रहेंगी। बाबा साहेब ने महिलाओं के उत्थान के लिये जो काम किया है उसी का नतीजा है जो कि महिलाएं आगे बढ़ रही हैं, वरना उन्हें तो पढ़ना तो दूर घर से बाहर
निकलने तक की इजाजत नहीं थी। और जो मनुवाद से ग्रसित हो, विश्वास ना हो तो एक बार मनुस्मृति उठाकर पढ़ लें।
ڈاکٹر پائل کے لئے انصاف: روہت ویمولا کے بعد ایک اور ادارہ جاتی قتل!
کی طرف سے: سشیل کمار پائل!! آپ کو نہیں ہونا چاہئے, हां मैं समझ सकता हूं कि जब किसी इंसा…








