بہوجن مسلم وکلاء بہوجن تحریک میں پھنسے نوجوانوں کو بچانے آئے ہیں
by: انکور سیٹھی
sc st ऐक्ट में बदलाव को लेकर 2 अप्रैल को भारत बंद किया गया था जिसमें हिंसा और आगजनी की खबरे सामने आयी। जिनमें अधिकतर घटनाएं तथाकथित हिन्दू संगठनों के द्वारा किये हमले के कारण हुयी वहीं आरोप है कि अब इस मामले में हजारों बहुजन नौजवानों को ही जेल में बंद किया जा रहा है। निर्दोष कहे जा रहे इन युवाओं को बचाने के लिए सामजिक पहल हुई है जिसमें मेरठ के बहुजन और मुस्लिम वकीलों का एक दल सामने आया है।
मेरठ के वकीलों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि थानों में कई ‘निर्दोष’ युवा बंद हैं जिनका दंगे में कोई हाथ नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अब 40 वकीलों की टीम ऐसे युवाओं का केस लड़ेगी जो बेकसूर हैं और जेल की सलाखों के पीछे हैं।
बता दें की मेरठ में 400 बहुजन वकील हैं जो जिला और सेशन कोर्ट में काम कर रहे हैं। उनमें से कई ऐसे वकील हैं जिन्होंने हिंसा के मामले में बंद बेकसूर लोगों का केस फ्री में लड़ने का फैसला लिया है। हिंसा के आरोप में अकेले मेरठ जेल में 70 लोग बंद हैं जिन पर पुलिस द्वारा 35 मामले दर्ज किए गए हैं।
इस पहल के बाद वकीलों के नम्बरों को पीड़ितो तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर खूब पहल की जा रही है. निर्दोष युवाओं के बुरे वक्त में यह फैसला जीवनदायी है जिसकी तारीफ देशभर में की जा रही है
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…




