भीमराव आंबेडकर बसपकडून राज्यसभेचे उमेदवार असतील
नवी दिल्ली. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह बीजेपी के रहते राज्यसभा नहीं जायेंगी। अपने इस निर्णय पर अडिग रहने के बाद उन्होंने अपना नाम राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नहीं दिया है। चर्चाएं उनके भाई आनन्द को लेकर भी खूब जारी थी। अब साफ हो गया है कि मायावती ने राज्यसभा के लिए बसपा की तरफ से भीमराव अम्बेडकर का नाम घोषित किया है।

राज्यसभा के लिए बसपा से प्रत्याशी बनाये गए भीमराव आंबेडकर मूलतः औरैया जिले के सैनपुर गांव के रहने वाले है। इन्होंने वकालत भी की हुई है लेकिन शुरू से ही बसपा से जुड़े रहे है।
ते 2007 इटावामधील लखना (सुरक्षित) सीट से बसपा के कैंडीडेट के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। इससे पहले ये इटावा के बसपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके है। 2017 विधानसभा चुनाव में में इन्हें औरैया (सुरक्षित) सीट से बसपा का प्रत्याशी बनाया गया था लेकिन ये चुनाव हार गए थे।
मंगलवार को हुई बैठक में बसपा प्रमुख ने सबको चौंकाते हुए भीम राव अम्बेडकर का नाम घोषित किया। इस फैसले से मायावती ने कई निशाना साधे। जहां उन्होंने अपने प्रतिबद्ध वोट बैंक को साधा है, वहीं भाजपा की दलितों पर डोरे डालने की कोशिशों पर भी आघात का प्रयास किया है। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र तो थे लेकिन मायावती के भाई आनंद नहीं थे।
करून: अंकुर सेठी
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