بی جے پی قائدین کسان بل کے خلاف ہوگئے, بل 'کسان مخالف' بتایا!
कृषि बिल के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में किसानों का हल्ला बोल जारी है। इस बीच हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं ने भी बिल को किसान विरोधी करार दिया है। बीजेपी नेता परमिंदर सिंह ढुल और रामपाल माजरा का कहना है कि केंद्र द्वारा लाया गया बिल किसानों के हित का नहीं है, क्योंकि इसमें MSP की बात नहीं की गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि इस बिल के खिलाफ जो भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, ان کی بات سنی جانی چاہئے۔

خبر رساں ادارے پی ٹی آئی کے مطابق, بی جے پی لیڈر پرمندر سنگھ دھول نے کہا کہ یہ بل سر چھوٹو رام کے خوابوں کے خلاف ہیں, ऐसे में हम इनका समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में जब देश के सामने संकट आया तो किसानों ने ही अर्थव्यवस्था को जारी रखा, لیکن اب کسان سڑک پر ہے اور کوئی اس کی بات نہیں سن رہا ہے۔

بی جے پی رہنما نے دعوی کیا کہ انہوں نے بل کے معاملے پر بی جے پی کے ریاستی صدر او پی ڈھنکڈ سے بات کی ہے اور ایک بل لانے کو کہا ہے جس میں ایم ایس پی کو بھی شامل کیا جانا چاہئے. جب کسان کے پاس ایم ایس پی کی گارنٹی ہوگی تو کوئی پریشانی نہیں ہوگی۔

ایک اور رہنما رامپال ماجرا نے کہا کہ کسانوں کی باتیں سننے کی ضرورت ہے, ऐसा नहीं होना चाहिए कि आगे चल कर एक गरीब किसान किसी बड़ी कंपनी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हो। माजरा ने कहा कि भले ही वो भाजपा में हैं लेकिन सही के लिए आवाज जरूर उठाएंगे।

आपको बता दें कि कृषि से जुड़े जिन तीन विधेयकों को लाया गया है, उसके खिलाफ कई किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा में ये प्रदर्शन काफी आक्रामक हुआ है, جہاں انتظامیہ نے کسانوں پر بھی لاٹھی چارج کیا۔

लेकिन अब बड़ा सवाल ये है की किसानों ने बिलों को लेकर भारत बंद तो कर दिया। लेकिन सोचने वाली बात ये है की सरकार क्या अभी भी अपना फायदा देखेगी या फिर किसानों को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखना पड़ेगा।
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