گھر گیا Uncategorized بی جے پی کے جاٹ قائدین نے مغربی یوپی میں کسانوں کو نشانہ بنایا
گیا Uncategorized - فروری 24, 2021

بی جے پی کے جاٹ قائدین نے مغربی یوپی میں کسانوں کو نشانہ بنایا

कृषि क़ानूनों के बारे में किसानों को समझाने की क़वायद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय बीजेपी नेताओं को भारी पड़ रही है. किसानों का कहना है कि बीजेपी नेताओं को गाँवों में जाकर नहीं, बल्कि संसद में समझाना चाहिए, क्योंकि क़ानून वहीं बनते हैं।

पश्चिमी यूपी के शामली ज़िले के लिलोन गाँव के किसान और कालखंडे खाप के प्रधान चौधरी संजय बाबा कहते हैं, “हम तो पहले से ही समझ रहे हैं कि क़ानून किसी काम के नहीं हैं. کب 18 संशोधन करने को सरकार ही तैयार है और इसकी गड़बड़ी को बीजेपी के बड़े नेता समझ चुके हैं, तो ये छोटे नेता हमें समझाने क्यों आ रहे हैं. ये कह रहे हैं कि हमें विपक्ष ने बहकाया है, लेकिन सच्चाई तो यह है कि प्रधानमंत्री मोदी को ही कुछ दो-चार लोगों ने बहका रखा है और उन्हें सही जानकारी नहीं दे रहे हैं. बीजेपी को और सरकार को कुछ चंद आदमी ही चला रहे हैं और उन्होंने ही प्रधानमंत्री को गुमराह कर रखा है.

دراصل, कृषि क़ानूनों पर सरकार और किसानों के बीच चल रहा द्वंद्व अब दिल्ली की सीमाओं से गाँवों की ओर भी पहुँचने लगा है. बीजेपी सरकार अपने स्थानीय जन प्रतिनिधियों को किसानों के पास इस मक़सद से भेज रही है कि शायद वो इन क़ानूनों की ख़ूबियाँ उन्हें समझा सकें।

लेकिन किसान उनका यह कहकर बहिष्कार कर रहे हैं कि पहले इस्तीफ़ा दो, तब हमारे पास आओ।

(اب آپ نیشنل انڈیا نیوز کے ساتھ فیس بک, ٹوئٹر اور یو ٹیوب پر شامل کر سکتے ہیں.)

جواب چھوڑیں

آپ کا ای میل ایڈریس شائع نہیں کیا جائے گا. مطلوبہ کھیتوں کو نشان زد کیا گیا ہے *

یہ بھی چیک کریں

نئے زرعی قوانین کے خلاف دہلی کی سرحدوں پر کسانوں کی تحریک 100 دن ختم ہوچکے ہیں…