घर Uncategorized मायावतींनी एकट्याने निवडणूक लढवण्याची घोषणा केली,यावेळी इतिहास निर्माण करेल? ?
Uncategorized - जानेवारी 15, 2021

मायावतींनी एकट्याने निवडणूक लढवण्याची घोषणा केली,यावेळी इतिहास निर्माण करेल? ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव बड़े दलों के बजाय छोटे दलों के साथ गठबंधन के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं तो कुछ छोटे दल आपस में ही गठबंधन कर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. ऐसे में बसपा प्रमुख मायावती ने साफ कर दिया है कि 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी बल्कि अकेले चुनावी मैदान में उतरेंगी. तरी, अकेले चुनावी मैदान में उतरने का फैसला कर मायावती कहीं जोखिम भरा कदम तो नहीं उठा रही हैं

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को 65वें जन्मदिन के मौके पर ‘मेरे संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा, भाग-16पुस्तक जारी की. इस दौरान मायावती ने सबसे बड़ा एलान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीएसपी किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उन्‍होंने आगामी विधानसभा चुनाव में 2007 की तरह बीएसपी की जीत का दावा किया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बसपा अकेले चुनावी मैदान में उतरकर बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर पाएगी.

खरंच, 2012 आणि 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं किया था. 2007 में अपने दम पर बहुमत हासिल करने वाली बसपा को 2012 में सपा के हाथों करारी मात खानी पड़ी थी जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में बसपा अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी. तिथेच, 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज 19 सीटों पर सिमट गई थी, त्यानंतर 2019 में सपा के साथ मिलकर गठबंधन किया. इसका सियासी तौर पर बसपा को फायदा मिला, लेकिन चुनाव के बाद दोनों की दोस्ती में दरार आ गई. अब मायावती अकेले मैदान में उतर रही हैं तो सपा छोटे दलों के साथ किस्मत आजमाने के मूड में है.

तो वहीं अखिलेश यादव ने महान दल के साथ हाथ मिलाया है, जिसका राजनीतिक आधार बरेली-बदायूं और आगरा इलाके के शाक्य, सैनी, कुशवाहा, मौर्य समुदाय के बीच है. अब देखने वाली बात ये होगी की मायावती अकेले क्या इतिहास रचती हैक्योंकि इस बार मैदान में कड़े प्रत्याशी और कड़ी टक्कर देने वाली पार्टियां मैदान में है

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