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9 अगस्त को विश्व मूलनिवासी दिवस, तैयारी जोरों पर

 

By:NIN Bureau

नई दिल्ली। 9 अगस्त को विश्व स्तर पर मूलनिवासी दिवस मनाया जाएगा, जिसकी तैयारी काफी जोरों पर है, भारत में भी कई राज्यों में मूलनिवासी दिवस को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बामसेफ संगठन भी विश्व मूलनिवासी दिवस को काफी जोर-शोर से मना रहा है। बामसेफ संगठन की अध्यक्ष मनीषा बांगर ने देश के मूलनिवासियों को इस अवसर पर बधाई दी है।

मूलनिवासी दिवस मनाने का महत्व

विश्व मूलनिवासी दिवस दुनिया के तमाम देशों में मनाया जाता है, भारत में भी पिछले 10,12 सालों से मनाया जा रहा है, मूलनिवासी दिवस मनाने के महत्व को जानने के लिए हमें इतिहास में झांकना होगा, और जानना होगा वो सच जो देश के मूलनिवासी की हकीकत है और सबसे छुपाया गया।

1993 में UNO यानी कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने महसूस किया कि 21वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत मूलनिवासी समाज अपनी उपेक्षा, बेरोजगारी एवं बंधुआ बाल मजदूरी जैसी समस्याओं से ग्रसित है। जिसको ध्यान में रखते हुए UNWGIP (United Nations Working Group on Indigenous Populations) उपआयोग का गठन किया गया। UNWGIP कार्य दल के 11 वें अधिवेशन में मूलनिवासी घोषणा प्रारूप को मान्यता मिलने पर 1994 को “मूलनिवासी वर्ष” व 9 अगस्त को “मूलनिवासी दिवस” घोषित किया। मूलनिवासी दिवस को देश की उन आवादी के हितों अधिकारों की रक्षा के लिए मनाया जाता है जो सच में इस देश के असली वासी है।

कौन है भारत के असली मूलनिवासी ?

विज्ञान के अकाट्य प्रमाण DNA test जिसकी रिपोर्ट Times of India में 21 मई 2001 में छपी, जिसके अनुसार SC/ST/OBC और उससे धर्म परिवर्तित अल्पसंख्यक ही भारत के मूलनिवासी है, और ब्राह्मण, क्षञिय, वैश्य यह विदेशी युरेशियन नस्ल के हैं, मतलब विदेशी हैं।

भारत में बामसेफ ने की शुरुआत

अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर मूलनिवासियों की समस्याओं को मजबूती के साथ रखने की पूर्व तैयारी के सन्दर्भ में ही बामसेफ के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष मा वामन मेश्राम जी ने 23 जुलाई 2016 को लंदन (इंग्लैंड), 26 जुलाई 2016 को पेरिस (फ्रांस) व 01 अगस्त 2016 को रोम (इटली) में बामसेफ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनारों का आयोजन किया।

मूलनिवासियों के खिलाफ साजिश !

देश की ब्राह्मणवादी सरकारों ने देश के आदिवासी को 9 अगस्त को आदिवासी दिवस बताकर मूलनिवासियों को बांटने की साजिश की गई। जिससे की मूलनिवासी आपस में ही लड़ते रहें, देश के कुछ हिस्सों में विश्व मूलनिवासी दिवस को विश्व आदिवासी दिवस मानकर मनाया भी जाता है, जो हकीकत नहीं है, क्योंकि विश्व आदिवासी दिवस का अंग्रेजी अनुवाद होगा World Tribes day, और UNO मना रहा है विश्व मूलनिवासी दिवस यानी कि world Indigenous peoples day ! Indigenous का मतलब होता है मूलनिवासी, मूल रहिवासी। अर्थात, असली नाम विश्व मूलनिवासी दिवस है।

 

 

 

 

 

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