आज के युग में अपराधी, बलात्कारी, दंगे कराने वाले नायक के रूप में शीर्ष पदों पर विराजमान
जैसे आज देशद्रोही, माओवादियों, अर्बन नक्सली संज्ञा गढ़ी गई है, वैसे असुर-राक्षस-राक्षसी संज्ञा भी गढ़ी गई थी।अपने युग के सबसे बेहतर लोगों को खलनायक, असुर और राक्षस-राक्षसी घोषित करने की लंबी प्रक्रिया रही है। उसी प्रक्रिया का हिस्सा है आज के सबसे बेहतर इंसानों को देशद्रोही, समाज द्रोही, आतंकी,नक्सली और माओवादी ठहराना और इस युग के सबसे बदत्तर इंसानों को नायक या महानायक बनाना।
इतिहास के हर युग में उस युग के सबसे बेहतरीन इंसानों को खलनायक के रूप में उस युग की अन्यायी शक्तियों ने प्रस्तुत किया। जैसे आज के युग के सबसे बेतरीन इंसानों को देशद्रोही, समाज के लिए खतरनाक, नक्सली , माओवादी और आतंकी ठहराया जा रहा है। इनमें कुछ मारे जा चुके हैं, कुछ जेलों में है और कुछ पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और कुछ जमानत पर बाहर हैं। इसमें भीमा कोरेगांव केस के 15 लोग भी शामिल हैं, जिनमें अधिकांश जेल में है। जिसमें से एक फादर स्टेन स्वामी की संस्थागत हत्या कर दी गई।
जो लोग यह मानते हैं कि ये लोग आज के युग के सबसे बेहतर इंसानों में हैं, उन्हें भी शायद यह स्वीकार करने में दिक्कत हो कि जिन्हें वेदो, पुराणों और महाकाव्यों में असुर कहा गया है, वे लोग अपने युग के सबसे बेहतर इंसान थे, चाहे वे वेदों के असुर हों, मार्कण्डेय पुराण या महिषासुर की दुर्गा सप्तसती, विष्णु पुराण के हिरण्यकशिपु या महाबलि। आज के युग की सोनी सूरी जैसी महिला को ही उस उस युग में होलिका या ताड़का ठहराया गया था। असुरों और राक्षस-राक्षसी के बरक्स जिन्हें देवता बताया गया है, वे सभी अन्यायी चरित्र के हैं। जिन्होंने छल से असुरों या राक्षसों की हत्या की। चाहे वह इंद्र हो, विष्णु या दुर्गा। इंद्र के छली और व्यभिचारी चरित्र से सभी परिचित है। विष्णु ने छल से वामन के रूप में महाबलि को ठगा और हिरण्याकश्यपु की हत्या की। विष्णु के अवतार के रूप में राम ने शंबूक की हत्या की।
वैसे ही आज भी अपराधी, हत्यारे, बलात्कारी, दंगे कराने वाले और नरसंहार कराने वाले नायक के रूप में शीर्ष पदों पर विराजमान हैं।सबसे दुखद यह है कि कुछ प्रगतिशील व्यक्ति और संगठन भी, आज के समय में देशद्रोही, नक्सली और माओवादी ठहराए जा रहे लोगों को न्याय के लिए लड़ने वाले बेहतर इंसानों का दर्जा दते हैं, जो की ठीक भी है, उनमें से भी बहुत सारे लोग भारतीय अतीत के सबसे बेहतर इंसानों को असुर और राक्षस-राक्षसी मानते हैं ।
लेखक और वरिष्ठ पत्रकार
~~सिद्धार्थ रामू ~~
मौलाना आज़ाद और उनकी पुण्यतिथि को याद करते हुए
मौलाना अबुल कलाम आजाद, मौलाना आजाद के नाम से भी जाने जाते हैं, एक प्रसिद्ध भारतीय विद्वान थे, freedo…







