گھر بین اقوامی ایڈوکیسی مسلمانوں کو چھوڑ دو,یہاں تک کہ اگر آپ یادو ہیں ، آپ کو جئے شری رام کہہ کر اپنے آپ کو ثابت کرنا ہوگا۔…..

مسلمانوں کو چھوڑ دو,یہاں تک کہ اگر آپ یادو ہیں ، آپ کو جئے شری رام کہہ کر اپنے آپ کو ثابت کرنا ہوگا۔…..

یہ ذات ہے یا ذات نہیں؟…

وہ ملک کہاں جا رہا ہے جس میں مذہب اور ذات پات کی بنیاد پر لنچنگ ہو رہی ہے؟? حال ہی میں مدھیہ پردیش سے موب لنچنگ, بہوجنوں اور قبائلیوں پر مظالم کی خبروں کا سیلاب ہے۔.

सोशल मीडिया पर बहुत सी ऐसी वीडियो है जिसमें आप देखते है कैसे मुस्लिमों से जय श्री राम के नारे लगाने पर मजबूर किया जाता है और जब नारे लगाने से इंकार किया जाता है तो उनके साथ मार पीट की जाती है. बहुत से ऐसे मामलें भी है जिसमें उस व्यक्ति की मौत भी हो जाती है. लेकिन यहां मामला थोड़ा सा अलग है. इस बार किसी मुस्लिम से नहीं यादव समाज के युवक से जबरदस्ती जय श्री राम बुलवाने पर मजबूर किया जाता है.

ये है मामला-

इंदौर में 13 اگست 2021 को स्टैंडअप कॉमेडियन नलिन यादव से बार मे कुछ लोगों द्वारा जबरन जयश्रीराम बोलने को कहा गया।नलिन यादव काक्विंट” میں 19 اگست 2021 को प्रकाशित इंटरव्यू में कहना है कि डर के कारण उन्होंने मामला खत्म करने की नियत से जयश्रीराम का नारा लगा दिया जो मुझसे जबरन लगवाया गया।नारा लगवाने वाले लोग मुझसे एक समुदाय विशेष के बारे में कह रहे थे कि तुम उनका साथ क्यों देते हो?

1 جنوری, 2020 को स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी (Munawar Faruqui) को इंदौर में शो करते हुए पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. मुनव्वर के साथ ही इंदौर के स्टैंडअप कॉमेडियन नलिन यादव को भी गिरफ्तार किया गया था.

जमानत मिलने के बाद नलिन की आर्थिक स्थित इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें कुछ समय दिहाड़ी मजदूरी तक करनी पड़ी. अब नलिन ने वापस स्टैंडअप कॉमेडी शुरू की है. क्विंट से बातचीत में नलिन ने कहा कि ये पहला मौका नहीं है जब उनके साथ ऐसी घटना हुई है. नलिन कहते हैं कि उनपर जो एक तमगा लग चुका है अब वो जिंदगी भर नहीं हटेगा.

आप द क्विंट की ये रिपोर्ट पूरी पढ़ सकते है. पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://hindi.thequint.com/news/india/comedian-nalin-yadav-interview-forced-to-chant-jai-shree-ram-in-indore#read-more

मुसलमान तो मुसलमान यहां अब गैर अभिजात्य हरेक व्यक्ति को प्रभु वर्ग के समक्ष अपनी राष्ट्रवादिया सिध्द करने के लिये उनके द्वारा तय किये गये नारे बोलने होंगे अन्यथा उनकी लिंचिंग होगी क्योंकि देश न धर्मनिरपेक्ष रह गया है और न लोकतांत्रिक तभी तो सर्वत्र जाति व धर्म के आधार पर उत्पीड़न की घटनाएं नित्य घटित हो रही हैं।

इंदौर में स्टैंडअप कॉमेडियन नलिन यादव के साथ जो घटना हुई है वह बेहद शर्मनाक है क्योंकि जबरिया कोई किसी के साथ न कोई नारा बुलवा सकता है और न कोई अन्य कार्य ही करवा सकता है इसलिए जो भी कुछ हुआ है वह कथित बहुसंख्यक बहुजन हिंदुओ के आंख को खोलने वाला हुआ ह. मुसलमानों से जब जबरिया जयश्रीराम बुलवाया जाता है तो यह बहुतों को भाता है लेकिन अब बताईये कि यादव समाज के एक कॉमेडियन नलिन यादव से भी जबरिया जयश्रीराम बुलवाया गया है तो आनन्द आ रहा है ना? तो प्रेम से बोलिये कि जाति है कि जाती नहीं.

جواب چھوڑیں

آپ کا ای میل ایڈریس شائع نہیں کیا جائے گا. مطلوبہ کھیتوں کو نشان زد کیا گیا ہے *

یہ بھی چیک کریں

مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔

مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…