म्यांमार: रोहिंग्या मुसलमानों के घर जलाए, फिर बुलडोजर चलाकर गांवों के नामोनिशान मिटा रही है सेना
म्यांमार। रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार में अत्याचार दिन-बे-दिन बढ़ते जा रहे हैं। उनके घरों को जलाने के बाद अब म्यांमार में उनके नामोमिशान को खत्म करने की तैयारी हैं। मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार के रखाइन स्टेट में मौजूद रोहिंग्या मुसलमानों के दर्जनों गांवों पर बुलडोजर चलाकर उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। कोलोराडो बेस्ड डिजिटल ग्लोब द्वारा शुक्रवार को कुछ सेटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरें जारी की गई हैं, जिनमें इन गांवों की स्थिती साफ नजर आ रही है। तस्वीरों में दिख रहा है कि बहुत से इलाकों में कुछ ही महीनों के अंदर काफी बदलाव आ गया है। वह इलाके जहां लोगों के घर बने हुए थे, वह अब सपाट दिख रहे हैं। पिछले साल अगस्त में इन गांवों में हिंसा काफी बढ़ गई थी, जिसके कारण हजारों रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भागने को मजबूर हुए थे। वहीं म्यांमार की सरकार कुछ भी गलत किए जाने की बात को लगातार खारिज कर रही है। सरकार का कहना है कि रखाइन स्टेट में आतंकवादी समूहों को जवाब देने के लिए ऑपरेशन किया जा रहा है।

द इंडिपेंडेंट के मुताबिक एक महिला ने बताया कि जब वह बांग्लादेश से अपने घर मायिन ह्लट वापस लौटी थी तब उसे वहां की हालत देखकर काफी हैरानी हुई थी। उसने बताया कि बहुत से घरों को पिछले साल जला दिया गया और सब कुछ खत्म कर दिया गया। यहां तक कि वहां पेड़ों को भी नष्ट कर दिया गया। महिला ने एपी को बताया, ‘उन्होंने बुलडोजर से सब कुछ नष्ट कर दिया। मैंने बड़ी मुश्किल से अपना घर पहचाना। सभी घर अब खत्म हो चुके हैं। सारी यादें भी जा चुकी हैं। उन्होंने सब कुछ खत्म कर दिया। अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ चुका है हमारे रिश्तेदार मर चुके हैं हमने अपना सब कुछ खो दिया है.
रखाइन स्टेट के उत्तरी इलाकों गावों की पहली तस्वीरें 9 फरवरी को सामने आई थी। तस्वीरों के माध्यम से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर से लेकर फरवरी के बीच करीब 28 गांवों को बुलडोजर की मदद से पाट दिया गया है।
द्वारा: Ankur sethi
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