बहुजन समुदायाचा सर्वाधिक त्रास भारतातील कोरोनामध्ये होतो: ऑक्सफॅम अमेरिका
कोरोना महामारी से एक तरफ पूरी दुनिया पीड़ित है और सरकारों की लापरवाही के कारण भारत में भी अब यह गांव-गांव तक पहुंच रहा है। भारत के छोटे-छोटे गांव से भी इंफेक्शन और मौतों की खबरें आने लगी है। ऐसे में ऑक्सफैम अमेरिका एवं ऑक्सफेम इंडिया की तरफ से आए बयानों में भारत से गरीब बहुजन आबादी पर कोरोना महामारी के भयानक परिणामों का अंदाजा होता है।
देश की राजधानी दिल्ली में जिस तरह की हालात बन रहे हैं उन के मद्देनजर ऑक्सफैम अमेरिका की डायरेक्टर अलीवैलू रामी शेट्टी का कहना है कि ‘एंबुलेंस के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, दौड़ते भागते लोगों की सांसें उखड़ने लगी हैं, और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था लगभग असहाय हो चुकी है… ऐसे में सबसे गरीब एवं हाशिये पर डाल दिए गए समुदायों की स्थिति सबसे खराब है।’

ऑक्सफैम इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि ‘इस महामारी ने पूरे भारत के गरीबों को और बहुजनों को एक बार फिर से अनिश्चितता और गरीबी के दलदल में धकेल दिया है, इस स्थिति में ना केवल वे सेहत से जुड़ी समस्याएं झेल रहे हैं बल्कि गरीबी की मार भी सबसे ज्यादा उन्हीं पर पड़ रही है’।
इस पर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया प्रैस के करेंट हिस्ट्रि में लिखा है कि भारत की जाति असमानता कैसे बनी हुई है. इस लिंक पर क्लिक कर आप पढ़ सकते है
ऑक्सफॅम इंडियाचे संचालक पंकज आनंद म्हणतात की, 'आमच्या माहितीनुसार, असे एकही कुटुंब नाही ज्यामध्ये किमान एका व्यक्तीला संसर्ग झाला नसेल... अशा परिस्थितीत महिला आणि दलित समाजातील लोकांना खूप त्रास होत आहे.' ऑक्सफॅम अमेरिकेचे संचालक रामशेट्टी म्हणतात की, 'या साथीच्या काळात दलित समाजाला सर्वाधिक फटका बसला आहे., जातिगत भेदभाव एवं गरीबी के कारण उन्हें मामूली सी आर्थिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं की मदद भी नहीं मिल पा रही है।’ जिसको दलित टाइम्स ने भी छापा है.

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है। भारत में यह सबसे ज्यादा फैल रहा है। भारत के छोटे-छोटे गांव से भी लगातार लोगो के संक्रमित होने और मौतों की खबरें आने लगी है। देश की राजधानी दिल्ली में भी जिस तरह के हालात देखे जा रहे हैं । लेकिन बहुजनों में सबसे ज्यादा परेशानी से जूझ रहे है और हमारे देश के प्रधानमंत्री अपना आवास बनाने में व्यस्त है.
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