घर आंतरराष्ट्रीय राजकीय कानपूरनंतर आणखी एक मोठा घोटाळा, खुनाची साखळी थांबत नाही

कानपूरनंतर आणखी एक मोठा घोटाळा, खुनाची साखळी थांबत नाही

यूपी में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है और सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है। लगातार बदमाश पुलिस के इकबाल को चुनौती दे रहे है लेकिन योगी सरकार जानकर भी अनजान बन रही है। जहां पुलिस अभी कानपुर मामले की जांच कर ही रही थी तो वहीं एक और मामला प्रयागराज से सामने आया। जिससे यही साफ होता है की सरकार के हाथ से कानून व्यवस्था पूरी तरह निकल चुकी है। और इसे संभालना अब सरकार के बस की बात नही।

दराअसल प्रयागराज में हुई हत्याओं की घटना ने यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, वहीं परिवार के एक सदस्य की हालत गंभीर है। वारदात को शुक्रवार तड़के तब अंजाम दिया गया जब पूरा परिवार सो रहा था।

पूरा मामला प्रयागराज के पटेलनगर के शुकुल गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां रहने वाले विमलेश पाण्डेय अपने परिवार के साथ घर में सोए हुए थे। सुबह गांव के लोगों को हत्या का पता चला तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची तो देखा कि विमलेश के पूरे परिवार की हत्या कर दी गई है।

जानकारी के लिए बता दें की मारे गए लोगों में विमलेश पांडे, उनका बेटा सोमू शिबू, प्रिंस शामिल हैं। जबकि विमलेश की पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देखा जाए तो वो ही इस को सुलझाने की इकलौती कड़ी है।

लेकिन इस हत्याकांड ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि यह परिवार गरीब था। परिवार के मुखिया विमलेश पाण्डेय पेशे से वैद्य थे। जड़ी-बूटी बेचते थे और उसी से परिवार का पालन-पोषण करते थे। लोगों का कहना है कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे इन हत्याओं को क्यों अंजाम दिया गया? लेकिन इस सबके बाद सीएम योगी पर भी सवाल उठने लगे है।

लगातार हो रही घटनाएं पुलिस के इकबाल को चुनौती और सरकार को सवालों के कटघरे में खड़े होने को मजबूर कर रही है। और सीएम योगी हर बार की तरह इस बार भी बैठक बुलाते नजर आ रहे है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कब अपराध पर इस सरकार में लगाम लगेगी।

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