મધ્યપ્રદેશમાં કેબિનેટ વિસ્તરણ, 20 કેબિનેટ અને 8 રાજ્યના ચૂંટાયેલા પ્રધાન
ભારે હોબાળો બાદ આજે મધ્યપ્રદેશમાં શિવરાજ કેબિનેટનું વિસ્તરણ કરવામાં આવ્યું હતું. જેમાં 28 નવા મંત્રીઓએ હોદ્દા અને ગુપ્તતાના શપથ લીધા, રાજભવન ખાતે મધ્યપ્રદેશના રાજ્યપાલ આનંદી બેન પટેલ. 28 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरने के बाद जब शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उसके कुछ दिनों के बाद 5 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।

ऐसे में नई सरकार बनने के बाद ये पहला मंत्रिमंडल विस्तार है, जिसमें कांग्रेस से बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों की छाप दिखी। शपथ ग्रहण में खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे, कैबिनेट विस्तार से पहले शिवराज ने दिल्ली आकर शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन किया था।

वहीं शिवराज कैबिनेट के विस्तार पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में मध्यप्रदेश का मंत्रिमंडल ऐसा मंत्रिमंडल है, जिसमें कुल 33 मंत्रियो में से 14 वर्तमान में विधायक ही नहीं है।

જોકે, नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार के आज के मंत्रिमंडल के गठन पर मैं सभी नवीन मंत्रियो को बधाई व शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि प्रदेश के विकास में सभी मिल जुलकर कार्य करेंगे और प्रदेश के विकास में सहभागी बनेंगे।

आपको बता दें की मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। इस लिहाज से अधिकतम 35 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं। जब शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कैबिनेट में सिर्फ 6 मंत्री ही शामिल हुए थे।

ખરેખર, कैबिनेट विस्तार कई वजहों से रुका हुआ थ। एक तो बीजेपी में मंथन चल रहा था, दूसरी ओर मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की तबीयत खराब थी। लेकिन अब बड़ा सवाल ये है की एक पार्टी को तोड़कर सत्ता में आना किस हद तक सही है।
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