آکسیجن کمپنیوں کو وزیر اعظم دینے کی تعریف, یہاں دہلی کے اسپتالوں میں خاموشی سے موت
प्रधानमंत्री मोदी ने आज देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन उत्पादक कंपनियों से बातचीत की और उनको पिछले हफ़्तों में उत्पादन क्षमता बढ़ने के लिए शाबासी भी दी। इसी बीच दिल्ली के अस्पतालों में मौत का सन्नाटा पसर गया है। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तो अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए जरुरी ऑक्सीजन की भी भारी किल्लत है. दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 20 मरीजों की मौत हो गई है. बत्रा और सर गंगा राम अस्पताल में ऑक्सीजन की बेहद किल्लत है और कुछ ही समय के लिए ऑक्सीजन मौजूद है.वसंत कुंज के अस्पताल के प्रशासन के मुताबिक करीब 160 मरीजों के लिए अस्पताल के स्टॉक में अब गैस नहीं बचा है।

शुक्रवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 25 मरीजों की मौत हो गई है। गंगा राम अस्पताल की तरह का एक और संकट दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में उत्पन्न हो गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक यहां करीब 160 मरीज भर्ती हैं जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। लेकिन अब अस्पताल के स्टॉक में थोड़ी सी गैस नहीं बची है।

अस्पताल प्रशासन ने करीब 7 बजे ट्वीट कर कहा था कि उनके पास सिर्फ 30 मिनट का स्टॉक बचा है। वे कल रात से ही ऑक्सीजन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई है। साथ ही अस्पताल प्रशासन ने कहा था कि उनके यहां करीब 160 पेशेंट भर्ती हैं जिनकी जान खतरे में हैं। मीडिया में ऑक्सीजन का स्टॉक ख़त्म होने की खबर चलने के बाद दिल्ली सरकार ने तुरंत ऑक्सीजन पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन रात 8:30 बजे तक अस्पताल के पास ऑक्सीजन नहीं पहुंचा था।
बता दें कि इससे पहले दिल्ली में शुक्रवार की सुबह दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की वजह से करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने 25 लोगों की मौत के बाद ट्वीट कर कहा था कि महज कुछ घंटों तक के लिए ही ऑक्सीजन बची है। ऑक्सीजन की कमी की वजह से 60 अन्य बीमार मरीजों की जान जोखिम में है। जिसके बाद करीब 10 बजे अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई मिल गई थी। हालांकि अब फिर से सर गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट गहरा गया है। अस्पताल प्रशासन ने ट्वीट कर कहा है कि उनके पास सिर्फ 45 मिनट का ऑक्सीजन बचा है।

भले ही देशभर में ऑक्सीजन का संकट गहराया हुआ हो। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ ऑक्सीजन के परिवहन के लिए लॉजिस्टिक सुविधाओं को भी बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने उद्योगों से आग्रह किया कि वे अन्य गैसों के टैंकरों का उपयोग ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए करें।
दिल्ली के अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की कमी का मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा जिसकी वजह से अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है!
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